शोध-सार कठोपनिषद मात्र एक आध्यात्मिक या दार्शनिक ग्रंथ नहीं है, अपितु यह मानव चेतना और संचार-प्रक्रिया का एक अत्यंत परिष्कृत मैनुअल है। यह शोध पत्र कठोपनिषद (कृष्ण यजुर्वेद की कठ शाखा) में निहित यम-नचिकेता संवाद का आधुनिक संचार सिद्धांतों के आलोक में विश्लेषण करता है। जहाँ पश्चिमी संचार मॉडल (जैसे शैनन-वीवर का SMCR मॉडल) सूचना के भौतिक हस्तांतरण तक सीमित हैं, वहीं कठोपनिषद चेतना के हस्तांतरण पर बल देता है। यह अध्ययन अन्वेषण करता है कि कैसे उपनिषद में अंतर्वैयक्तिक संचार रथ रूपक के माध्यम से, (पारस्परिक संचार – गुरु-शिष्य…
Read MoreAuthor: Sumit Rai
अखाड़ा परिषद: एकता और धर्म का संगम
कुंभ मेले का आयोजन भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है, जिसमें सनातन परंपरा के विभिन्न साधु-संन्यासी एकत्र होते हैं,अखाड़ों का इतिहास प्राचीन है, इसकी स्थापना आदिगुरु शंकराचार्य ने की थी,शंकराचार्य ने दशनामी परंपरा के अंतर्गत संन्यासी अखाड़ों की स्थापना की, जो न केवल आध्यात्मिक बल्कि शारीरिक रक्षा में भी निपुण थे।आजाद भारत में आयोजित पहले कुंभ मेले में भगदड़ के कारण अनेक लोगों की जान गई जिस कारण सरकार ने कुंभ के आयोजन हेतु एक अखाड़ा परिषद का स्थापना 1954 में किया, कुंभ में अखाड़ों का विशेष महत्व होता है,…
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